
Aanandmath
by Bankim Chandra Chattopadhyay
Publisher, ISBN & more
- Publisher
- Rajkamal Prakashan
- ISBN
- 9788126705238
About this book
आनंदमठ, यानी बांग्ला के विख्यात उपन्यासकार बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय का वह कालजयी उपन्यास, जिसने भारतीय स्वाधीनता आंदोलन में लाखों-करोड़ों हृदयों को आंदोलित किया और सहòों युवक-युवतियों को अंग्रेजों के विरुद्ध सशस्त्रा संघर्ष की प्रेरणा दी। उल्लेखनीय है कि इसमें प्रयुक्त ‘बंदेमातरम्’ गीत क्रांति का बीजमंत्रा तो बना ही, आसेतु हिमालय एक विशिष्ट अभिवादन के रूप में भी स्वीकारा गया। इसके बावजूद सन् 1920 के बाद भारतीय राजनीति में उभारे गए हिंदू-मुस्लिम सांप्रदायिक विद्वेष ने ‘स्वाधीनता के इस जीवन-वेद’ को भी अपनी चपेट में लिये बिना नहीं छोड़ा। कथावस्तु के नाते यह उपन्यास 1770-71 के दौरान उतरी बंगाल में पड़े भयानक दुर्भिक्ष की पृष्ठभूमि में ऐतिहासिक संन्यासी-विद्रोह की महागाथा है। प्रेम, त्याग, करुणा और बलिदान जैसे मानवीय गुणों से ओत-प्रोत यह कथाकृति अपनी ज्वलंत सामाजिक चेतना और राष्ट्रीय भावना के लिए हमें आज भी झकझोरने में समर्थ है। इसके अतिरिक्त इस संस्करण का दस्तावेजी महत्त्व भी है। यहाँ इसे न सिर्फ इसके मूल पाठ, अर्थात् विवादास्पद अंशों सहित प्रस्तुत किया गया है, बल्कि इससे जुड़े ऐतिहासिक विवाद को विश्लेषित करने वाले दो महत्त्वपूर्ण लेख भी इसमें शामिल किए गए हैं।
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